br sumatprakash ji shri kund kund sadhana vasadi, sammed shikhar ji

जिनधर्म प्रभावना न्यास आत्म कल्याण के साथ साथ जैन शासन की सेवा के लिए कृतसंकल्पित है । यह न्यास बिना किसी भेदभाव के प्राणी मात्र को भगवान आत्मा देखता है और दिखाता है तथा सभी को मोक्षमार्ग सुलभ हो ऐसा संयोजन करता है । इसी क्रम में आप सभी आत्मर्थियों के समक्ष प्रस्तुत है – “जिनशासन सेवा अभियान” जिनशासन की सेवा-प्रभावना का अवसर मिलना अत्यंत सौभाग्य का विषय है एवं यह प्रत्येक आत्मार्थी का कर्तव्य है । अतः प्रथम तो आप जिनाज्ञा अनुसार एवं स्वयं के विवेक से यह कार्य किसी भी रूप में यथाशक्ति करें । इस कार्य में विद्वत जनों से मार्गदर्शन लें । यदि आप पहले से ही यह कार्य कर रहे हैं तो इससे हमें भी अवगत कराएँ ।

| आर्थिक सहयोग |

1.किसी साधर्मी भाई/बहन को आजीविका प्रदान करने हेतु
2.जरूरतमंद बालकों को शिक्षा में सहयोग
3. शील व्रत का पालन करने वाले भाई/बहनों के सहयोग हेतु
4. त्यागी/ब्रह्मचारी/साधक जीवों की योग्य व्यवस्था हेतु
5. जन कल्याण/परोपकार (सम्मेद शिखर जी आदि स्थानों में गरीबों को भोजन वस्त्र पुस्तकें आदि वितरण)

| सामाजिक सहयोग |

1.अपने घर/व्यवसाय की अनुपयोगी/अतिरिक्त सामग्रियों जैसे- वस्त्र बर्तन आदि का दान
2. सार्वजनिक स्थानों पर निशुल्क सशुल्क जीवनोपयोगी साहित्य वितरण
3. तनाव चिंता ग्रस्त बालकों युवकों महिलाओं पुरुषों का उपगूहन स्थितिकरण मार्गदर्शन
4. अशक्त/रोगी/वृद्ध साधकों की सेवा परिचर्या और समाधि में सहयोग

| साहित्यिक सहयोग |

1.पंडितजी साहब द्वारा मार्गदर्शित विविध विषयों पर शोध, पुस्तक-लेखन
2. पंडित जी द्वारा रचित लेख, कहानियों का संशोधन, संपादन, प्रकाशन
3. आध्यात्मिक भजनों का गायन
4. बच्चों को पढ़ाना और उनके लिए पाठ्यसामग्री तैयार करना
5. पंडितजी साहब के मार्गदर्शन में “आर्ट ऑफ़ लिविंग/पेरेंटिंग” जैसे विविध विषय तैयार करना

| तकनीकी सहयोग |

1.पंडितजी साहब के प्रवचनों में से उपयोगी विषय लेकर रील/shorts बनाना
2. पोस्टर निर्माण
3. वेबसाइट निर्माण एवं देखरेख
4. अन्य मैनेजमेंट कार्य

|| सांस्कृतिक/धार्मिक सहयोग ||

1.पाठशाला संचालन
2. दैनिक/साप्ताहिक संगोष्ठी
3. दैनिक/साप्ताहिक प्रवचन
4. पूजा प्रक्षाल प्रशिक्षण
5. जिनमन्दिर व जिनवाणी वैयावृत्ति
6. व्रती-त्यागी-ब्रह्मचारी की सेवा परिचर्या
7. बालक-युवा-वृद्ध शिक्षण शिविर
8. बहुस्तरीय धार्मिक प्रतियोगितायें (निबन्ध/आलेख/कविता/चित्र/कंठपाठ आदि)
9. ज्ञानवर्धक कार्यशालाएं (सेमिनार वेबिनार)

साथ ही यदि आप हमसे जुड़ना चाहते हैं तो निम्न फॉर्म को भरें ।

सम्यक्त्व साधना (तत्त्वनिर्णय सम्बन्धित प्रश्नों के लिए)
संयम साधना (तनाव मुक्त जीवन जीने के लिए)
ब्रह्मचर्य साधना (ब्रह्मचर्य सम्बन्धी मार्गदर्शन एवं सहायता)
समाधि साधना (समाधि करने-कराने के हेतु)
स्वास्थ्य साधना (जैनोपैथी से जुड़ने के लिए)

।। जिनशासन जयवंत वर्ते ॥

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